भारत में बालिका शिक्षा की आवश्यकता से संबंधित नीति

Authors

  • डॉ0 केशरी नन्दन मिश्रा

Abstract

 

शिक्षा हर बच्चे के लिए बहुत जरूरी है। यह दुखद है कि कुछ समुदाय अभी भी बालिकाओं की शिक्षा के साथ भेदभाव करते हैं। लड़कियों के सशक्तिकरण, समृद्धि, विकास और कल्याण के लिए शिक्षा प्रमुख कारक है। गर्भ से लेकर कब्र तक बालिकाओं का भेदभाव सर्वविदित है। आर्थिक, शिक्षा, सामाजिक, राजनीतिक, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, अधिकार और कानूनी आदि सभी क्षेत्रों में लड़कियों की निरंतर असमानता और भेद्यता है। जीवन के सभी क्षेत्रों में उत्पीड़ित लड़कियों को जीवन के सभी क्षेत्रों में सशक्त बनाने की आवश्यकता है। सामाजिक रूप से निर्मित लैंगिक पूर्वाग्रहों के खिलाफ लड़ने के लिए लड़कियों और महिलाओं को उस व्यवस्था के खिलाफ तैरना पड़ता है जिसके लिए अधिक ताकत की आवश्यकता होती है। ऐसी ताकत सशक्तिकरण की प्रक्रिया से आती है और सशक्तिकरण शिक्षा से आएगा। और ग्रामीण परिवर्तन लड़कियों की शिक्षा से आएगा। यह पेपर लड़कियों की शिक्षा पर जोर देता है क्योंकि यह उन्हें चुनौतियों का सामना करने, अपनी पारंपरिक भूमिका का सामना करने और अपने जीवन को बदलने में सक्षम बनाता है। ताकि हम बालिका सशक्तिकरण के संदर्भ में शिक्षा के महत्व को नजरअंदाज न कर सकें।

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Published

2010-11-30

How to Cite

डॉ0 केशरी नन्दन मिश्रा. (2010). भारत में बालिका शिक्षा की आवश्यकता से संबंधित नीति. INTERNATIONAL JOURNAL OF RESEARCH IN COMMERCE, IT, ENGINEERING AND SOCIAL SCIENCES ISSN: 2349-7793 Impact Factor: 6.876, 4(10), 1–5. Retrieved from https://gejournal.net/index.php/IJRCIESS/article/view/579

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